Haridwar, Uttarakhand

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Haridwar

Tuesday, April 13, 2010

... मां मैं हरकी पैड़ी पर खड़ा हूं

भाग्यशाली हैं वें लोग, जिन्हें दूसरे शाही स्नान पर नागाओं के साक्षात दर्शन करने और गंगा मैया में डुबकी लगाने का पुण्य अवसर मिला। लेकिन हजारों लोग अलग-अलग वजहों से चाहकर भी हरिद्वार नहीं आ सके। हरिद्वार से सैंकड़ों-हजारों मील दूर बैठे ऐसे लोगों को उनके परिजनों ने मोबाइल फोन के माध्यम से नागा साधुओं के जयकारे सुनाए। अपने परिजनों को पुण्य लाभ दिलाने के लिए हरकी पैड़ी से अनेक श्रद्धालुओं ने शाही स्नान की लाईव कमेंटरी की।

हरकी पैड़ी स्थित घंटाघर के पास खड़ा युवक मोबाइल फोन पर किसी से बतिया रहा है। एकबारगी ऐसा लगता है कि जैसे युवक किसी टीवी चैनल के लिए फोनो कर रहा है। लेकिन अगले ही पल कानों में आवाज आती है... मां मैं हरकी पैड़ी पर ही खड़ा हूं, नागा बाबाओं का शाही स्नान चल रहा है, जयकारों की आवाज तो आ रही होगी मां॥। इसके बाद समझ में आता है कि युवक कहीं दूर बैठी अपनी मां को शाही स्नान का आंखों देखा हाल बता रहा है। सोमवार को हरकी पैड़ी पर खड़े अनेक लोग इसी तरह मोबाइल पर शाही स्नान के बारे में परिजनों को जानकारी देते रहे। किसी ने बूढ़ी दादी तो किसी ने अशक्त दादा को मोबाइल के माध्यम से पुण्यलाभ दिलाया। कई श्रद्धालुओं ने परिजनों को दिखाने के लिए मोबाइल फोन से वीडियो फिल्म बनाई, फोटो भी खींचे। संगरूर, पंजाब से आए जसवीर सिंह ने बताया कि नानी कई दिनों से कुंभ स्नान करने की इच्छा जता रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर उनकी तबीयत खराब हो गई। मैं शाही जुलूस के साथ-साथ चला और नानी को जयकारों की आवाज मोबाइल के माध्यम से सुनाता रहा। उनका कहना है कि मन में श्रद्धा हो तो संत दर्शन और गंगा स्नान का लाभ केवल आवाज सुनकर भी कमाया जा सकता है।



सोजन्य : अमर उजाला हिंदी दैनिक

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